नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगा मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) परिसर में देर रात छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
▶ JNU कैंपस में आधी रात नारेबाजी
फैसले के विरोध में JNU परिसर में जुटे प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान कुछ आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे भी लगाए जाने का आरोप सामने आया है।
प्रदर्शन के दौरान की गई नारेबाजी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है।
▶ सोशल मीडिया पर सियासी घमासान
वायरल वीडियो सामने आने के बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन को देशविरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है, वहीं विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रहा है।
▶ सुप्रीम कोर्ट का रुख
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिकाओं को खारिज किया है। कोर्ट का मानना है कि आरोपों की प्रकृति और साक्ष्यों के मद्देनजर इस स्तर पर राहत नहीं दी जा सकती।
News Highlights
- उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं
- JNU में देर रात प्रदर्शन और नारेबाजी
- मोदी–शाह के खिलाफ नारे लगाने का आरोप
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, सियासी हलचल तेज
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