कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा नगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला सरकारी रिकॉर्ड में खुद को मृत घोषित किए जाने के बाद अब अपनी पहचान साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
चारामा नगर निवासी हलीमा बानो ने बताया कि वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में उनके पति कादर खान की मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद से वह मजदूरी कर अपनी तीन बेटियों का पालन-पोषण कर रही हैं।
महिला के अनुसार, हाल ही में राशन कार्ड और महतारी वंदन योजना के लिए केवाईसी कराने के दौरान उन्हें पता चला कि उनका आधार कार्ड निष्क्रिय हो चुका है और सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।
इस गलती के कारण महिला को कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो गया है। हलीमा बानो ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि बंद हो गई है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहा उनका मकान भी अधूरा पड़ा है, क्योंकि योजना की अगली किस्त जारी नहीं हो पा रही है।
आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला फिलहाल किराए के मकान में रहने को मजबूर है। उन्हें हर महीने करीब तीन हजार रुपये किराया देना पड़ रहा है। तीन बच्चियों की जिम्मेदारी के बीच सरकारी दफ्तरों के लगातार चक्कर लगाने के बावजूद अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
मामले को लेकर कांकेर कलेक्टर Nilesh Kumar Mahadev Kshirsagar ने कहा कि प्रशासन को कुछ दिन पहले ही इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने और आगामी 15 दिनों के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।





