May 15, 2026

बालको चिमनी हादसा: गवाह को प्रभावित करने की साजिश का खुलासा, होटल से आरोपी संग पकड़ा गया अहम साक्षी

कोरबा | क्राइम न्यूज

छत्तीसगढ़ के कोरबा में वर्ष 2009 के बहुचर्चित बालको चिमनी हादसे से जुड़े मामले में गवाह को प्रभावित करने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण गवाह पृथ्वीनाथ सिंह को आरोपी सगामसेट्टी व्यंकटेश के साथ होटल से पकड़ा है।

यह मामला वर्तमान में Bilaspur High Court के निर्देश पर समय-सीमा के भीतर सुनवाई के दौर से गुजर रहा है, जिससे इस कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।

40 मजदूरों की मौत, दो कंपनियां आरोपी

गौरतलब है कि वर्ष 2009 में बालको प्लांट में निर्माणाधीन चिमनी गिरने से 40 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। यह हादसा प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक हादसों में गिना जाता है।

इस मामले में जीडीसीएल कंपनी और सेपको (चीनी) कंपनी के अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। लंबे समय से यह आरोप लगाया जा रहा था कि जीडीसीएल कंपनी द्वारा गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जिसके कारण कई गवाह अदालत में पेश नहीं हो रहे थे।

इस स्थिति पर न्यायालय ने भी कड़ी नाराजगी जताई थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया था।

होटल में छिपाकर रखा गया था गवाह

पुलिस अधीक्षक Siddharth Tiwari को सूचना मिली थी कि गवाह पृथ्वीनाथ सिंह को आरोपी पक्ष द्वारा कोरबा में छिपाकर रखा गया है।

इसके बाद एएसपी Lakhan Patle के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न होटलों में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान Hotel Grand Govinda के कमरा नंबर 202 में गवाह अपने पुत्र और आरोपी सगामसेट्टी व्यंकटेश के साथ मिला। जांच में यह भी सामने आया कि होटल का कमरा जीडीसीएल कंपनी द्वारा बुक कराया गया था।

डिजिटल सबूतों से खुली साजिश

पूछताछ के दौरान आरोपी व्यंकटेश घबरा गया, जिसके बाद उसके मोबाइल की जांच की गई। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।

पुलिस को पता चला कि आरोपी और गवाह पहले से एक-दूसरे को जानते थे। इसके अलावा गवाह के बयान की फोटो व्हाट्सऐप के माध्यम से उसके पुत्र के मोबाइल पर भेजी गई थी, जो साजिश की पुष्टि करता है।

पुलिस ने सभी डिजिटल साक्ष्यों को जब्त कर पंचनामा तैयार किया और न्यायालय को इसकी जानकारी दी है।

कोर्ट में बहस, निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद

मामले में लोक अभियोजक ने गवाह को प्रभावित करने की साजिश पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। अदालत में बचाव और अभियोजन पक्ष के बीच जोरदार बहस हुई।

इसके बाद न्यायालय ने साक्षी की गवाही के लिए अभियोजन को समय दिया है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब इस मामले में निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद और मजबूत हो गई है। साथ ही, अन्य गवाहों की तलाश और सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए जा रहे हैं।