July 23, 2026

NEET पेपर लीक के विरोध में रायपुर में जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग

रायपुर। NEET 2026 पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) रायपुर ने बुधवार को आंबेडकर अस्पताल के बाहर शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. पीयूष पी. श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे कथित अन्याय पर चिंता जताते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की।

JDA रायपुर ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करना आवश्यक है, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।

दिल्ली में छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा

प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन ने दिल्ली में न्याय की मांग कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ पुलिस द्वारा किए गए कथित अनुचित व्यवहार पर भी चिंता व्यक्त की। JDA ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।

परीक्षा प्रणाली में सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मांग की कि NEET 2026 पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाए।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

JDA रायपुर ने इस पूरे मामले में नैतिक और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की भी मांग की। संगठन का कहना है कि इतने बड़े परीक्षा विवाद के बाद जवाबदेही तय होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की आवश्यक शर्त है।

‘यह आंदोलन छात्रों के भविष्य के लिए’

प्रदर्शन के अंत में JDA रायपुर ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया है। संगठन ने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली में ठोस सुधार लागू नहीं किए जाते, तब तक देश के लाखों छात्रों का भविष्य असुरक्षित बना रहेगा।