July 30, 2026

लोरमी में मनरेगा तालाब निर्माण को लेकर विवाद, पंचायत ने लगाया कब्जे का आरोप

लोरमी। मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में मनरेगा के तहत स्वीकृत नए तालाब के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्राम पंचायत राम्हेपुर (एन) के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासकीय भूमि पर कथित कब्जे की शिकायत प्रशासन से की है। वहीं जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है, उसने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए जमीन पर वैध पट्टा होने का दावा किया है।

पंचायत ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

जनपद पंचायत लोरमी अंतर्गत ग्राम पंचायत राम्हेपुर (एन) के सरपंच, उपसरपंच और पंचों द्वारा हस्ताक्षरित आवेदन एसडीएम लोरमी और जनपद पंचायत सीईओ को सौंपा गया है। शिकायत में कहा गया है कि गांव में मनरेगा के तहत नया तालाब स्वीकृत हुआ है, लेकिन आंछीडोंगरी निवासी रामकुमार साहू ने संबंधित भूमि पर कब्जा कर रखा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा समझाने के बावजूद तालाब निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

दूसरी ओर रामकुमार साहू ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके पास संबंधित भूमि का वैध सरकारी पट्टा मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2018 में उन्हें भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत कृषि प्रयोजन के लिए भूमि-स्वामी अधिकारों के साथ पट्टा आवंटित किया गया था।

रामकुमार साहू का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर

मामला अब राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के पास पहुंच चुका है। एसडीएम लोरमी ने इस संबंध में जनपद पंचायत से रिपोर्ट तलब की है। एक तरफ पंचायत भूमि को शासकीय बताकर तालाब निर्माण की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर पट्टाधारी होने का दावा करने वाला पक्ष अपने दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर अधिकार जता रहा है।

अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित भूमि शासकीय है या फिर वैध पट्टे के तहत निजी स्वामित्व में है। फिलहाल पूरे मामले पर ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नजर बनी हुई है।