महासमुंद। जिले में सर्व शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के कार्यालय का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बीईओ पर गंभीर अनियमितता, भ्रष्टाचार, पक्षपातपूर्ण रवैया और तानाशाही जैसे आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए सात सूत्रीय मांगों को लेकर कार्रवाई की मांग की।
शिक्षक संघ का आरोप है कि संतान पालन अवकाश के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, विद्यालयों को स्टेशनरी सामग्री का वितरण नहीं किया गया लेकिन रिकॉर्ड में उसे दिखाया गया है। इसके अलावा कार्यालय व्यय में गड़बड़ी, फर्जी बिलों के माध्यम से राशि आहरण, नियम विरुद्ध यात्रा भत्ता और पक्षपातपूर्ण अवकाश स्वीकृति जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। संघ ने जांच समिति की निष्क्रियता और शालाओं के युक्तियुक्तकरण में लापरवाही का भी मुद्दा उठाया है।
एक पीड़ित शिक्षिका ने आरोप लगाया है कि संतान पालन अवकाश स्वीकृत करने के बदले बीईओ द्वारा हर महीने 5 हजार रुपये की मांग की जाती थी। इस आरोप के बाद मामला और गरमा गया है। प्रदर्शन के बाद शिक्षक संघ ने बीईओ के तत्काल निलंबन की मांग को लेकर विधायक, जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि बीईओ को निलंबित नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं बीईओ ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





