June 10, 2026

रायपुर | महादेव घाट ओवरब्रिज परियोजना दो साल पीछे, री-टेंडरिंग शुरू

रायपुर। रायपुर-अमलेश्वर के बीच यातायात दबाव कम करने के लिए प्रस्तावित महादेव घाट ओवरब्रिज परियोजना दो साल पीछे चली गई है। वर्ष 2024 में मंजूरी मिलने के बाद नवंबर 2025 में 18.66 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन चयनित कंपनी ने वर्क ऑर्डर मिलने के बाद भी विभाग के साथ अनुबंध नहीं किया। इसके चलते परियोजना अधर में लटक गई।

पीडब्ल्यूडी ने करीब चार माह तक कंपनी का इंतजार किया, लेकिन अनुबंध प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर सुरक्षा जमा राशि जब्त कर अप्रैल 2026 में दोबारा टेंडर जारी किया। नए टेंडर में चार कंपनियों ने भाग लिया है। विभाग ने तकनीकी जांच पूरी कर ली है और अब वित्तीय प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों के अनुसार अगले 10 दिनों में नई एजेंसी का चयन कर कार्य आवंटन और अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

महादेव घाट के पुराने पुल के समीप खारुन नदी पर बनने वाला यह स्टील ओवरब्रिज 180 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा होगा। निर्माण एजेंसी को कार्य शुरू होने के बाद 18 माह के भीतर परियोजना पूरी करनी होगी।

विभाग की योजना गर्मी के दौरान नदी का जलस्तर कम रहने पर नींव और संरचनात्मक कार्य शुरू करने की थी, लेकिन ठेकेदार के पीछे हटने से काम मानसून तक टल गया। ऐसे में नदी के भीतर और किनारों पर होने वाले निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

पीडब्ल्यूडी के ट्रैफिक सर्वे के अनुसार शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक इस मार्ग पर सबसे अधिक यातायात दबाव रहता है। पाटन, अमलेश्वर, दुर्ग-भिलाई और रायपुर के बीच रोजाना हजारों वाहन जाम से जूझते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए फोरलेन ओवरब्रिज की डिजाइन तैयार की गई है। परियोजना पूरी होने के बाद महादेव घाट, चंगोराभाठा, डीडी नगर, संतोषी नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, अमलेश्वर, अंजोरा, पाटन रोड, दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।