July 25, 2026

राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही होगा; पीएम मोदी युवाओं से मांगें माफी

नई दिल्ली। पेपर लीक मामले को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना ही होगा। यह केवल उनकी नहीं, बल्कि देश के युवाओं की मांग है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी युवाओं से माफी मांगने की मांग की।

राहुल गांधी ने तीन छात्राओं के साथ करीब 9 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि सरकार यदि केवल मंत्रालय बदलने का विकल्प सोच रही है तो कांग्रेस इसे स्वीकार नहीं करेगी। उनके मुताबिक, शिक्षा मंत्री को पद से हटाना ही इस पूरे मामले में पहला कदम होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना ही होगा। यह मेरी नहीं, देश के युवाओं की मांग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं, जबकि युवा भारत का भविष्य हैं। भविष्य से लड़कर कोई सफल नहीं हो सकता।”

घायल छात्र के साथ भी की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस

इससे पहले शुक्रवार शाम राहुल गांधी ने अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक छात्र के साथ भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया।

राहुल गांधी ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे देश की शिक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना ही होगा। उन्हीं की वजह से हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।” इस दौरान उन्होंने घायल छात्र के हाथ, पीठ और छाती पर लगे चोट के निशान भी मीडिया को दिखाए।

सोशल मीडिया पर भी साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले शनिवार सुबह राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि सरकार ने अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के खिलाफ मेट्रो, सड़कें, दुकानें और इंटरनेट तक बंद कर दिए, लेकिन पेपर लीक रोकने में नाकाम रही।

उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

नोट: इस खबर में शामिल बयान राहुल गांधी के सार्वजनिक वक्तव्यों पर आधारित हैं। इन पर केंद्र सरकार या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।