July 29, 2026

मूंगेली के गुरुदयाल जांगड़े ने UPSC IFS परीक्षा में हासिल की 105वीं रैंक, गांव में जश्न का माहौल

Mungeli। जिले के ग्राम पलानसरी के होनहार युवा Gurudayal Jangde ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) परीक्षा में 105वीं रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

आईएफएस परीक्षा में चयन होने पर विधायक Punnulal Mohle, कलेक्टर Kundan Kumar और डीएफओ Abhinav Kumar ग्राम पलानसरी स्थित उनके निवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुरुदयाल जांगड़े और उनके माता-पिता को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।

गुरुदयाल जांगड़े ग्राम पलानसरी निवासी सचिव काशीराम जांगड़े के पुत्र हैं। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयास के दम पर यह सफलता हासिल की। ग्रामीणों ने उनकी उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया।

विधायक ने गांव के लिए 15 लाख की घोषणा की

विधायक पुन्नूलाल मोहले ने गुरुदयाल और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता प्राप्त करना पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने ग्राम पलानसरी में विकास कार्यों के लिए 15 लाख रुपये की स्वीकृति देने की घोषणा भी की।

उन्होंने कहा कि गुरुदयाल ने साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कलेक्टर बोले- सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि जिले के युवाओं का आईएफएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में लगातार चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने विद्यार्थियों से परिणाम की चिंता छोड़कर अनुशासन और निरंतर मेहनत पर ध्यान देने की अपील की।

कलेक्टर ने गुरुदयाल के माता-पिता को भी बधाई देते हुए कहा कि अच्छे संस्कार और शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव होते हैं।

समाज और राष्ट्र सेवा का बड़ा दायित्व : DFO

डीएफओ अभिनव कुमार ने कहा कि इंडियन फॉरेस्ट सर्विस केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज, पर्यावरण और राष्ट्र सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि गुरुदयाल जैसे युवा प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनते हैं।

छह प्रयासों के बाद मिली सफलता

गुरुदयाल जांगड़े ने बताया कि वे वर्ष 2019 में कॉलेज से पासआउट हुए थे और छह प्रयासों के बाद उन्हें यह सफलता मिली। चार बार वे इंटरव्यू तक पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि सफलता पाने के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई की रणनीति और तरीकों में लगातार बदलाव किया। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी गलतियों से सीखना और उन्हें दोहराने से बचना ही सफलता की असली कुंजी है।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और गुरुजनों को दिया।