मुंगेली। जिले में धान खरीदी को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां हथनीकला धान खरीदी केंद्र के प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत पर करीब 2.54 करोड़ रुपये के धान गबन का आरोप लगा है। मामले में सिटी कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पर्यवेक्षक ने दर्ज कराई शिकायत
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा मुंगेली में पदस्थ पर्यवेक्षक भरत लाल कौशिक ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपी द्वारा कुल 8216.30 क्विंटल धान की हेराफेरी कर अमानत में खयानत की गई है, जिसकी कीमत लगभग 2,54,70,530 रुपये है।
कलेक्टर के निर्देश पर गठित हुई जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर (सहकारिता शाखा) मुंगेली के निर्देश पर 30 मार्च 2026 को संयुक्त जांच दल का गठन किया गया। इस टीम में नायब तहसीलदार चंदन दुबे, सहकारिता विस्तार अधिकारी मिथलेश साहू, खाद्य निरीक्षक भानूप्रिया नंदकर, जिला सहकारी बैंक सरगांव के पर्यवेक्षक सुनील यादव और मंडी निरीक्षक शुभम पैकरा शामिल थे। टीम ने 8 अप्रैल 2026 को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की।
भौतिक सत्यापन में सामने आई गड़बड़ी
जांच के दौरान बड़ा अंतर सामने आया। ऑनलाइन रिकॉर्ड में 9798.70 क्विंटल धान दर्ज था, जबकि मौके पर केवल 7534 क्विंटल (18835 बोरी) धान ही पाया गया। इसके अलावा 682.30 क्विंटल का वजन भी कम मिला। इस तरह कुल 8216.30 क्विंटल धान की कमी पाई गई।
धान की किस्म में भी भारी अंतर
जांच में यह भी सामने आया कि धान की किस्म में बड़ा अंतर है। रिकॉर्ड में सरना धान 9537.10 क्विंटल दर्शाया गया था, जबकि मौके पर मात्र 322 क्विंटल मिला। वहीं मोटा धान अपेक्षा से अधिक पाया गया। इससे रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका और गहरी हो गई है।
नियमों का उल्लंघन और सिस्टम से छेड़छाड़
जांच के दौरान कई अनियमितताएं भी उजागर हुईं। कंप्यूटर ऑपरेटर और बारदाना प्रभारी की अनुपस्थिति में डेटा एंट्री और धान की लोडिंग की गई। साथ ही आरोपी और उसके परिजनों द्वारा अनियमित तरीके से कार्य संचालन किए जाने के संकेत मिले हैं।
जवाब नहीं देने पर दर्ज हुई FIR
जांच के दौरान आरोपी विक्रम सिंह राजपूत लगातार अनुपस्थित पाया गया। उसका मोबाइल बंद मिला और नोटिस देने के बाद भी वह उपस्थित नहीं हुआ। सहायक आयुक्त सहकारिता द्वारा 10 अप्रैल 2026 को अंतिम अवसर देने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर 13 अप्रैल को एफआईआर दर्ज कराई गई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।





