मुंगेली। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवास निर्माण, निजी भूमि के सीमांकन और बार-बार लगाए गए स्थगन आदेश से परेशान ग्राम सेमरकोना के एक परिवार ने जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया। परिवार का आरोप है कि कई बार आवेदन, जनदर्शन में शिकायत, जांच और सीमांकन के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। हालांकि जिला प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
परिवार के सदस्य देवेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने 7 जुलाई को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर धरना प्रदर्शन की पूर्व सूचना भी दी थी। उनका कहना है कि पहले दिए गए आवेदनों और शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद लोकतांत्रिक तरीके से धरने का निर्णय लिया गया।
परिवार के अनुसार, विवाद ग्राम बेलसरी स्थित उनकी निजी भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकान से जुड़ा है। उनका आरोप है कि 29 जनवरी को निर्माण पर पहला स्थगन (स्टे) आदेश लगाया गया, जिससे करीब चार महीने तक काम बंद रहा। 4 जून को स्टे हटने के बाद निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी, लेकिन 8 जून को दोबारा स्टे आदेश जारी कर दिया गया। इससे मकान अधूरा रह गया और बारिश के कारण निर्माण सामग्री खराब हो रही है। परिवार का दावा है कि करीब 50 बोरी सीमेंट खराब हो चुकी है।
देवेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में अब तक 10 बार स्थल निरीक्षण और तीन बार सीमांकन किया जा चुका है, लेकिन उनकी 13 डिसमिल निजी भूमि का अंतिम और स्पष्ट चिन्हांकन अब तक नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि वर्तमान स्टे आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि निर्माण का कौन-सा हिस्सा शासकीय भूमि पर और कौन-सा निजी भूमि पर है।
धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम अजय कुमार शतरंज ने परिवार को जिला स्तरीय सीमांकन संबंधी आदेश की प्रति सौंपते हुए बताया कि 13 जुलाई को जिला स्तरीय टीम मौके पर पहुंचकर सीमांकन और आवश्यक कार्रवाई करेगी। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन के बाद परिवार ने धरना समाप्त कर दिया।
धरना स्थल पर कांग्रेस नेता संजीत बनर्जी भी पहुंचे और परिवार को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यदि एक गरीब परिवार को अपने प्रधानमंत्री आवास निर्माण और भूमि सीमांकन जैसे मामले के समाधान के लिए धरना देना पड़े, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परिवार को समय पर न्याय नहीं मिला तो एक सप्ताह बाद वे उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
धरना समाप्त होने के बाद भी परिवार ने मांग दोहराई कि जिला स्तरीय टीम निष्पक्ष सीमांकन करे, 13 डिसमिल निजी भूमि का विधिवत कब्जा दिलाए, विवादित हिस्से की स्पष्ट पहचान करे, स्टे आदेश की समीक्षा कर उसे हटाया जाए तथा प्रधानमंत्री आवास का निर्माण दोबारा शुरू कराया जाए। परिवार ने चेतावनी दी है कि पांच दिनों के भीतर समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। अब सभी की निगाहें 13 जुलाई को प्रस्तावित जिला स्तरीय सीमांकन कार्रवाई पर टिकी हैं।





