Baloda Bazar। कलेक्टर Kuldeep Sharma के निर्देशन और जिला शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में जिले के छह विकासखंडों में 10 दिवसीय तकनीकी उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ड्रोन, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल और नवाचार की भावना विकसित करना है।
16 से 25 मई तक चलेगा कार्यक्रम
यह कार्यक्रम 16 मई से 25 मई 2026 तक जिले के चयनित विद्यालयों में आयोजित किया जा रहा है। इसमें शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नयापारा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गुड़ेलिया, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमी, कोटियाडीह और भटभेरा सहित कई स्कूल शामिल हैं।
पहले दिन 400 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम के पहले दिन जिलेभर से लगभग 400 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को ड्रोन संचालन, रोबोटिक्स मॉडल निर्माण, 3D प्रिंटिंग प्रक्रिया, बेसिक कोडिंग और AI आधारित तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान समय तकनीक और नवाचार का युग है। भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का ज्ञान होना जरूरी है।
तकनीकी शिक्षा से बढ़ेंगे अवसर
जिला पंचायत सीईओ Divya Agrawal ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करते हैं। तकनीकी शिक्षा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और रोजगार के नए अवसरों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को व्यवहारिक और तकनीकी शिक्षा से जोड़ना आवश्यक है। वहीं सहायक संचालक परियोजना के.एस. मरावी ने विद्यार्थियों को तकनीक के सकारात्मक उपयोग और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
व्यवहारिक गतिविधियों पर जोर
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तकनीकी मॉडल निर्माण, ड्रोन प्रदर्शन और कोडिंग आधारित गतिविधियों के जरिए व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड में प्रशिक्षकों और जिला विज्ञान क्लब के सदस्यों की नियुक्ति की गई है, ताकि विद्यार्थियों को सतत मार्गदर्शन मिल सके।
जिला प्रशासन ने इस पहल को विद्यार्थियों के तकनीकी सशक्तिकरण और भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।





