पुरी। महाप्रभु जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा 2026 की तैयारियों के बीच ओडिशा पुलिस ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से बचाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने से पहले स्टेट क्राइम ब्रांच ने पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर ‘साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान’ लॉन्च किया है। इसके तहत शनिवार को ‘साइबर रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
यह साइबर रथ पुरी शहर के प्रमुख चौराहों, होटल क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों पर घूमकर श्रद्धालुओं, पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और होटल संचालकों को ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताएगा। लाउडस्पीकर और जागरूकता सामग्री के माध्यम से लोगों को फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइटों, संदिग्ध लिंक और साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
क्राइम ब्रांच की सोशल मीडिया विंग भी लगातार इंटरनेट पर निगरानी रख रही है। पुलिस के अनुसार, इस वर्ष अब तक रथयात्रा के नाम पर ठगी करने वाली 212 फर्जी होटल वेबसाइट और 26 फर्जी वेब पेज ब्लॉक किए जा चुके हैं। केवल जून महीने में ही 50 फर्जी वेबसाइटों को बंद कराया गया है। ये वेबसाइटें नामी होटलों के नाम से मिलते-जुलते डोमेन बनाकर सस्ते कमरों का झांसा देकर श्रद्धालुओं से एडवांस राशि वसूलती थीं।
इसी कड़ी में पुरी रिजर्व पुलिस लाइंस में होटल संचालकों के साथ बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में होटल मालिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया और फर्जी वेबसाइटों पर रोक लगाने के लिए समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
ओडिशा पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि होटल की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय माध्यम से ही करें। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।





