नई दिल्ली:
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर पर पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भावुक लेख लिखा है। अपने लेख में पीएम मोदी ने सोमनाथ को केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, स्वाभिमान और सतत सृजन का प्रतीक बताया है।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने कई बार सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर को ध्वस्त करने का प्रयास किया, लेकिन सोमनाथ कभी झुका नहीं। हर विध्वंस के बाद उसका पुनर्निर्माण हुआ और वह पहले से अधिक भव्य रूप में खड़ा हुआ।
पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ को सिर्फ ‘विध्वंस’ के चश्मे से देखना ऐतिहासिक भूल होगी। यह मंदिर दरअसल भारत की चेतना, आस्था और आत्मसम्मान का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने इसे ज्योतिर्लिंग के रूप में भारत की आत्मा का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री के इस लेख को भारतीय इतिहास, संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।




