धमतरी। जिला अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने अब अपने ही अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अस्पताल में कार्यरत 25 सुरक्षा गार्डों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उनसे सुरक्षा ड्यूटी के बजाय वार्ड बॉय और मेडिकल स्टाफ से जुड़े काम कराए जा रहे थे।
गार्डों के मुताबिक उनसे मरीजों को स्ट्रेचर पर ले जाने, नाश्ता बांटने और मेडिकल पर्ची बनवाने जैसे कार्य कराए जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया और अब उनके खिलाफ नोटिस जारी कर भविष्य खराब करने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि अस्पताल में वार्ड बॉय ड्यूटी के दौरान सोते मिले थे, जिस पर आपत्ति जताने के बाद उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। गार्डों ने आरोप लगाया कि उनके स्पष्टीकरण को नजरअंदाज कर सिविल सर्जन एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं।
सभी 25 गार्डों ने जिला प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।





