May 15, 2026

रायगढ़ में दिखा इंसान-हाथी का अद्भुत तालमेल, हाथी मित्र दल ने सुरक्षित लौटाया झुंड

रायगढ़।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छाल रेंज में एक बार फिर इंसान और वन्यजीव के बीच बेहतरीन तालमेल का अनोखा उदाहरण देखने को मिला। जंगल से निकलकर सड़क किनारे पहुंचे हाथियों के एक दल को “हाथी मित्र दल” ने सूझबूझ और धैर्य के साथ सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर भेज दिया।

रविवार शाम का यह दृश्य उस समय सामने आया, जब अचानक हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर सड़क के पास आ गया। ऐसी स्थिति में जहां आमतौर पर अफरा-तफरी मच जाती है, वहीं मौके पर पहुंचे हाथी मित्र दल के सदस्यों ने बेहद शांत और नियंत्रित तरीके से स्थिति को संभाला।

टीम ने बिना किसी शोर-शराबे या घबराहट के इशारों और आवाज के माध्यम से हाथियों को दिशा देने की कोशिश की। आश्चर्यजनक रूप से हाथियों ने भी इन संकेतों को समझा और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए पुनः जंगल की ओर लौट गए।

स्थानीय लोगों के लिए यह नजारा काफी रोमांचक और हैरान करने वाला रहा। आमतौर पर जंगली हाथियों को नियंत्रित करना बेहद कठिन होता है, लेकिन इस घटना में जिस तरह हाथियों ने टीम के निर्देशों का पालन किया, वह मानव-वन्यजीव संबंधों का सकारात्मक उदाहरण बन गया।

गौरतलब है कि छाल रेंज में इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां “हाथी मित्र दल” की सक्रियता से संभावित बड़े हादसे टल गए हैं। यह टीम स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित लोगों का समूह है, जो हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए समय रहते लोगों को सतर्क करता है और हाथियों को सुरक्षित दिशा में ले जाने में मदद करता है।

वन विभाग और हाथी मित्र दल की यह संयुक्त पहल मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे न केवल ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि वन्यजीवों, खासकर हाथियों को भी सुरक्षित वातावरण मिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयास भविष्य में मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने में अहम साबित होंगे।