May 15, 2026

रायगढ़ में जंगली हाथियों का आतंक: बुजुर्ग की मौत, कई गांवों में फसल और मकानों को नुकसान

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज अंतर्गत ग्राम चुहकीमार में एक जंगली हाथी के हमले से 70 वर्षीय गंगाराम सारथी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा और डर का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए।

जानकारी के अनुसार, गंगाराम रोजाना की तरह सुबह करीब 10 बजे लकड़ी लेने जंगल गया हुआ था। दोपहर लगभग ढाई बजे हाथी ने उन पर हमला कर दिया। वन विभाग ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जिले में हाथियों की बढ़ती संख्या भी चिंता का विषय बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, रायगढ़ जिले में कुल 101 हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनमें रायगढ़ वन मंडल में 59 और धरमजयगढ़ वन मंडल में 42 हाथी सक्रिय हैं। इनमें 32 नर, 48 मादा और 21 शावक शामिल हैं। चुहकीमार के जंगलों में अभी भी 12 हाथियों का दल मौजूद है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में खतरा बना हुआ है।

वहीं, बीती रात एक अन्य दंतैल हाथी ने लैलूंगा रेंज के कई गांवों में उत्पात मचाया। दंतैल ने टोंगोटोला, झारआमा, पाकरगांव और सागरपाली में पांच ग्रामीणों के मकानों को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा प्रेमनगर और कुडेकेला क्षेत्रों में फसलों और सिंचाई पाइपों को भी भारी नुकसान हुआ। वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आंकलन कर रही हैं और ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की चेतावनी दी गई है।