May 16, 2026

आंगनबाड़ी साड़ी वितरण में गड़बड़ी का आरोप, गुणवत्ता और मापदंड पर उठे सवाल

साड़ी योजना बनी विवाद का कारण

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की साड़ी वितरण योजना अब विवादों में घिर गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों की गुणवत्ता और लंबाई को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

1.94 लाख महिलाओं को बांटी गई साड़ियां

वर्ष 2024-25 के लिए करीब 1.94 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी वितरित की गई। इस योजना में प्रति साड़ी 500 रुपए के हिसाब से लगभग 9.7 करोड़ रुपए खर्च किए गए।
सरकारी मापदंड के अनुसार साड़ी की लंबाई 5.5 मीटर होनी चाहिए थी, लेकिन कई जगहों पर यह 5 मीटर या उससे भी कम पाई गई।

छोटी साड़ी और खराब गुणवत्ता की शिकायत

कार्यकर्ताओं का कहना है कि साड़ी छोटी होने के कारण पहनने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा धुलाई के बाद रंग उतरने और कपड़े के सिकुड़ने की भी शिकायतें सामने आई हैं, जिससे उन्हें काम के दौरान असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि घटिया और मानक से कम साड़ियां वितरित कर महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है।

मंत्री ने दिए जांच और साड़ी वापसी के निर्देश

मामला बढ़ने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को शिकायत मिलने पर साड़ियां वापस लेने और जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वयं साड़ी की गुणवत्ता जांचने की बात भी कही।

जांच के बाद होगा खुलासा

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद योजना में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। यह निगरानी की कमी है या खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी—इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।