रायपुर। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
विभागीय जांच में सामने आईं शिकायतें
जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी वितरण के लिए जारी क्रय आदेश के तहत कुछ जिलों से गुणवत्ता को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। आरोप था कि कई स्थानों पर वितरित साड़ियां निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं।
विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी कुछ स्थानों पर मानकों से विचलन की पुष्टि हुई है, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है।
खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को जांच के निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि बोर्ड अपने स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर साड़ियों की पुनः गुणवत्ता जांच कराए।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मानक से विचलन पाया जाता है, तो संबंधित आपूर्तिकर्ताओं और एजेंसियों के खिलाफ नियम अनुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
खराब साड़ियों को बदलने के आदेश
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में निम्न गुणवत्ता की साड़ियां वितरित की गई हैं, वहां उन्हें तत्काल वापस लेकर नई और गुणवत्तापूर्ण साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं।
सरकार का रुख – पारदर्शिता और कार्रवाई पर जोर
सरकार की ओर से कहा गया है कि इस पूरे मामले को पूरी पारदर्शिता के साथ देखा जा रहा है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोगों द्वारा इस मुद्दे को लेकर भ्रामक और नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि सरकार स्वयं मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।





