डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर रायपुर के शंकर नगर स्थित दुर्गा मैदान में आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न समाजों के लोगों के साथ भोजन कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
समरसता भोज में दिखी सामाजिक एकता
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरणदेव सिंह, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण और संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विभिन्न समाजों के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिसे सामाजिक एकता और समानता का प्रतीक माना गया।
सीएम साय का संबोधन: अंबेडकर के विचारों पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर संविधान निर्माता थे और उनके बनाए संविधान के तहत देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने शिक्षा, विशेषकर महिला शिक्षा पर विशेष जोर दिया, जिससे समाज में व्यापक बदलाव आया।
सीएम साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है और छत्तीसगढ़ में “महतारी वंदन योजना” के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ज्योतिबा फुले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी महिला शिक्षा और अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई जा रही हैं।
राजनीतिक संदर्भ और केंद्र सरकार का उल्लेख
सीएम साय ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर को उनके जीवनकाल में वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में भारत रत्न देकर उन्हें सम्मानित किया गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि लंदन में अंबेडकर स्मारक और पंच तीर्थ स्थलों का निर्माण उनकी विरासत को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रायपुर में आयोजित यह समरसता भोज कार्यक्रम सामाजिक एकता, समानता और अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश देता है। कार्यक्रम में सरकार ने सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण पर अपने फोकस को भी दोहराया।





