May 15, 2026

नारी सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल, CM साय ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में PM मोदी का उद्बोधन सुना

विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सुना। इस दौरान उन्होंने इसे देश की मातृशक्ति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि यह पहल भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को अधिक समावेशी और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “पंचायत से पार्लियामेंट तक” महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का यह प्रयास नए भारत की तस्वीर पेश करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को सराहा कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी ही विकसित भारत की मजबूत नींव है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। उनके अनुसार, यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकार और सम्मान दिलाने की दिशा में बड़ा परिवर्तन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को हमेशा उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक युग तक महिलाओं ने समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से इस परंपरा को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।

छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए साय ने बताया कि स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है। इसके सकारात्मक परिणाम जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने ‘महतारी वंदन योजना’ का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही है।

साय ने कहा कि यह भी एक सुखद संयोग है कि जब देश में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा हो रही है, उसी समय छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी प्रदेश की पहचान बन चुकी है।

उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति और महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे हर मंच पर अपनी आवाज बुलंद करें और इस परिवर्तन यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा और समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा स्थापित होगी।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अंत में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब नारी सशक्त होती है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। यह समय महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका देने का है, जिससे एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण संभव हो सके।