रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रात 8:30 बजे सभी मंत्रियों को मुख्यमंत्री निवास में बैठक के लिए बुलाया है। आधिकारिक तौर पर इसे विभागीय कामकाज की समीक्षा बैठक बताया जा रहा है, लेकिन बैठक के समय और स्वरूप को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार मंत्रियों को केवल बैठक की सूचना दी गई है, जबकि एजेंडा साझा नहीं किया गया है। यही वजह है कि इस बैठक को लेकर सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बैठक केवल विभागीय समीक्षा तक सीमित होती, तो अलग-अलग विभागों के साथ अलग बैठकें आयोजित की जा सकती थीं।
मंत्रियों के प्रदर्शन की हो सकती है समीक्षा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की प्रगति, जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और लंबित कार्यों की समीक्षा कर सकते हैं। साथ ही मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन करते हुए आगामी कार्ययोजना और लक्ष्यों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
फेरबदल की चर्चाओं को मिला बल
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भाजपा संगठन में संभावित बदलावों का असर राज्यों की राजनीति पर भी पड़ सकता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल को लेकर चल रही अटकलों को इस बैठक ने और हवा दे दी है। हालांकि सरकार या भाजपा संगठन की ओर से किसी भी फेरबदल को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बैठक पर टिकी सबकी नजर
बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं होने से मंत्रियों के बीच भी उत्सुकता बनी हुई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति को लेकर मंत्रियों से सीधी चर्चा कर सकते हैं। ऐसे में बैठक के बाद सामने आने वाले संकेतों पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी रहेंगी।




