भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर में मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के अंतर्गत दो वर्षीय MBA in Public Policy and Governance कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस विशेष पाठ्यक्रम का उद्देश्य सार्वजनिक नीति और शासन के क्षेत्र में कुशल, नैतिक और प्रभावी नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करना है।
इस कार्यक्रम के तहत चयनित अभ्यर्थियों को न केवल IIM रायपुर परिसर में उच्च स्तरीय शैक्षणिक प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में फील्ड एक्सपोजर और व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाएगा। इससे छात्रों को नीतियों के निर्माण से लेकर उनके जमीनी क्रियान्वयन तक की पूरी समझ विकसित होगी।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. गोपाल कुमार और प्रो. शबना पी द्वारा किया जा रहा है, जो इसके कार्यक्रम निदेशक हैं। वहीं संस्थान के निदेशक-प्रभार प्रो. संजीव प्रसार ने कहा कि यह कोर्स पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर नीति निर्माण, क्रियान्वयन और सुधार की दिशा में केंद्रित है।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
- पूरी ट्यूशन फीस माफ: छत्तीसगढ़ सरकार सभी चयनित छात्रों की पूरी फीस वहन करेगी।
- ₹50,000 मासिक स्टाइपेंड: दो वर्षों तक हर छात्र को आकर्षक स्टाइपेंड दिया जाएगा।
- फील्ड आधारित सीख: कक्षा अध्ययन के साथ सरकारी परियोजनाओं में काम करने का अवसर मिलेगा।
- प्रैक्टिकल गवर्नेंस अनुभव: नीति निर्माण और लागू करने की वास्तविक प्रक्रिया से जुड़ने का मौका।
- इंडस्ट्री और गवर्नमेंट कनेक्शन: विभिन्न संस्थानों के साथ साझेदारी से बेहतर एक्सपोजर।
डीन एक्सटर्नल रिलेशन्स प्रो. सत्यसिबा दास ने बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों को वास्तविक चुनौतियों से निपटने और सामाजिक प्रभाव पैदा करने के लिए तैयार करेगा।
पात्रता (Eligibility Criteria)
- अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए।
- CAT स्कोर (2023/2024/2025) में से किसी एक वर्ष का वैध स्कोर आवश्यक है।
- स्नातक में न्यूनतम 60% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 55%) होना जरूरी है।
- प्रवेश में राज्य की आरक्षण नीति लागू होगी।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक अभ्यर्थी IIM रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 30 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह फेलोशिप छत्तीसगढ़ सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत युवाओं को लोकसेवा और नीति निर्माण के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर सुशासन को मजबूत किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था की गहराई से समझ मिलेगी और वे भविष्य में समाज और शासन के बीच एक प्रभावी कड़ी बन सकेंगे।





