May 16, 2026

रायपुर में जल संकट पर सियासत तेज: 70 किमी में सिर्फ 7 किमी पाइपलाइन, नेता प्रतिपक्ष का निगम पर हमला

रायपुर। राजधानी रायपुर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट गहराने लगा है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम और जल प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।

पाइपलाइन योजना पर सवाल

आकाश तिवारी ने कहा कि शहर में जल आपूर्ति सुधार के लिए 70 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक केवल 7 से 8 किलोमीटर तक ही काम हो पाया है।

उन्होंने कहा कि इतनी धीमी प्रगति के चलते शहर में जल संकट होना स्वाभाविक है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

टैक्स वसूली पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा जलकर, संपत्ति कर और अन्य शुल्कों के नाम पर लगातार लोगों से पैसे वसूले जा रहे हैं।

यहां तक कि घरों में नल कनेक्शन देने के लिए 2400 रुपये तक लिए गए, लेकिन कई जगहों पर नलों में पानी ही नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने इसे “धोखा या अपराध” बताते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।

35 वार्डों में गहराया संकट

तिवारी के मुताबिक, रायपुर के करीब 35 वार्ड इस समय गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है और वैकल्पिक इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

टैंकर खर्च पर भी सवाल

उन्होंने टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई पर हो रहे खर्च को लेकर भी सवाल उठाए।

तिवारी ने बताया कि वर्ष 2024 में 50 लाख रुपये, 2025 में 100 लाख रुपये और 2026 में 150 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

बड़ा खेल होने की आशंका

नेता प्रतिपक्ष ने पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए कहा कि इसमें “बड़ा खेल” हो सकता है।

उन्होंने कहा कि पानी हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है, लेकिन पैसे लेने के बावजूद पर्याप्त आपूर्ति नहीं करना जनता के साथ अन्याय है।

जल बोर्ड गठन पर भी सवाल

तिवारी ने जल बोर्ड के गठन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि केवल कमेटी बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए ठोस योजना और ईमानदार कार्यान्वयन जरूरी है।