June 19, 2026

रायपुर में आचार्य पदारोहण महोत्सव में शामिल हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सीएम साय, जैन दर्शन की प्रासंगिकता पर दिया जोर

रायपुर। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में लोकसभा अध्यक्ष Om Birla और मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने जैन मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त कर आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हो रहे पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज को नमन किया।

आचार्य पद तप, त्याग और साधना का सर्वोच्च प्रतीक : ओम बिरला

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आचार्य पद केवल एक पद नहीं, बल्कि तप, त्याग, ज्ञान और समाज को दिशा देने वाली साधना का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर और जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी मानवता को शांति, करुणा, आत्मसंयम और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब दुनिया तनाव और संघर्षों से जूझ रही है, तब जैन दर्शन की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं। बिरला ने पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज के आचार्य पदारोहण को जैन समाज के लिए गौरव का क्षण बताया।

आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रायपुर : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहा यह आचार्य पदारोहण महोत्सव प्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, साधना और संस्कृति का यह विराट आयोजन पूरे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर बन गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पद पर प्रतिष्ठित होना उनके ज्ञान, तप, संयम और समाज सेवा के प्रति समर्पण का सम्मान है। उन्होंने 14 वर्षीय शतावधानी हंसभद्र मुनि जी महाराज की विलक्षण स्मरणशक्ति और ज्ञान-साधना की भी सराहना की।

जैन दर्शन के संदेश को बताया समय की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन संतों ने सदैव अहिंसा, सत्य, करुणा और आत्मसंयम का संदेश दिया है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है। भगवान महावीर का “जियो और जीने दो” का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है।

संतों की तपस्या समाज के लिए प्रेरणा

विधानसभा अध्यक्ष Raman Singh ने कहा कि जैन मुनिगण कठिन तप, उपवास और संयम के माध्यम से समाज को प्रेरित करते हैं। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री Tokhan Sahu ने कहा कि जैन संतों का त्याग और अनुशासित जीवन समाज को सदैव सकारात्मक दिशा देता है।

कार्यक्रम में सांसद Brijmohan Agrawal, Vijay Baghel सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-साध्वी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।