छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हादसे में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा
डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में अचानक बॉयलर फटने से जोरदार धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
काम कर रहे कई मजदूर मौके पर ही इसकी चपेट में आ गए, जिससे भारी जनहानि हुई।
घायलों का रायगढ़ में इलाज जारी
हादसे के तुरंत बाद घायलों को रायगढ़ के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। चिकित्सकों ने आशंका जताई है कि कुछ मामलों में स्थिति बिगड़ने पर मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
प्लांट गेट पर विरोध, भारी पुलिस बल तैनात
हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों और परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। लोग जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद पावर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह बड़ा हादसा हुआ।
जांच शुरू, जिम्मेदारी तय करने की तैयारी
प्रशासन और पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी टीम भी घटना के कारणों की पड़ताल में जुटी है।
श्रमिकों की सुरक्षा और प्लांट संचालन में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सक्ती का यह भीषण हादसा राज्य में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लगातार बढ़ती मौतों ने पूरे क्षेत्र को शोक और आक्रोश में डाल दिया है।





