May 28, 2026

बालोद में गर्मी का कहर, रोज मर रहे 500 तक चमगादड़, बदबू से लोग परेशान

बालोद। जिले के सबसे बड़े नगर पालिका क्षेत्र दल्लीराजहरा में भीषण गर्मी और नौतपा का असर अब वन्य जीवों पर भी दिखाई देने लगा है। यहां बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास पेड़ों में रहने वाले सैकड़ों चमगादड़ों की रोजाना मौत हो रही है। हालात ऐसे हैं कि प्रतिदिन 400 से 500 चमगादड़ मृत पाए जा रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में बदबू फैल गई है और स्थानीय लोग परेशान हैं।

नगर में इन दिनों तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। इंसान जहां गर्मी से बचने के लिए एसी और कूलर का सहारा ले रहे हैं, वहीं पेड़ों पर रहने वाले मूक जीव इस भीषण तापमान की चपेट में आकर दम तोड़ रहे हैं। दल्लीराजहरा के बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के आसपास रोज यह भयावह नजारा देखने को मिल रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक लाखों की संख्या में पेड़ों पर रहने वाले चमगादड़ों में से रोज सैकड़ों की मौत हो रही है। मृत चमगादड़ों से उठने वाली तेज बदबू के कारण आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगर पालिका की टीम मृत चमगादड़ों को हटाने का प्रयास कर रही है, लेकिन संख्या अधिक होने के कारण सभी मृत चमगादड़ों को समय पर हटाया नहीं जा पा रहा है। इससे इलाके में संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीएसपी प्रबंधन भी इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।

पर्यावरण संरक्षणकर्ताओं ने इस घटना को चिंताजनक बताया है। पर्यावरण प्रेमी वीरेंद्र सिंह के अनुसार लगातार बढ़ता तापमान और पेड़ों की कटाई वन्य जीवों के लिए खतरा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि चमगादड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे कीट नियंत्रण और परागण में मदद करते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में उनकी मौत पर्यावरण के लिए गंभीर संकेत है।