May 15, 2026

खैरागढ़ की सरकारी शराब दुकान फिर विवादों में, ओवररेटिंग और अव्यवस्था के आरोप

खैरागढ़ की सरकारी शराब दुकान एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। पहले मिलावटी शराब और फर्जी होलोग्राम जैसे मामलों को लेकर चर्चा में रही यह दुकान अब कथित ओवररेटिंग, अव्यवस्था और दबंगई के आरोपों से घिर गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान में शराब खरीदने के लिए ग्राहकों से निर्धारित कीमत से अधिक रकम वसूली जा रही है।

आरोप है कि दुकान के बाहर कुछ कथित असामाजिक तत्वों ने अपना अनौपचारिक नेटवर्क बना रखा है। ग्राहक बताते हैं कि जल्दी शराब लेने के लिए प्रति बोतल करीब 10 रुपए अतिरिक्त देने पड़ते हैं। विरोध करने वालों को गाली-गलौज, धमकी और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि यह पूरा खेल सरकारी शराब दुकान के आसपास ही खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई सख्ती नजर नहीं आ रही। शाम होते ही दुकान के बाहर लंबी कतारें, धक्का-मुक्की और हंगामे जैसे हालात बन जाते हैं।

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक दुकान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था लगभग नदारद है। न पर्याप्त गार्ड तैनात हैं और न ही भीड़ नियंत्रण के ठोस इंतजाम दिखाई देते हैं। लोगों का कहना है कि इसी वजह से आए दिन विवाद, मारपीट, जेब कटने और चाकूबाजी जैसी घटनाओं की चर्चाएं सुनने को मिलती रहती हैं।

सबसे बड़ा सवाल आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहा है। लोगों का कहना है कि पहले भी इस दुकान को लेकर मिलावटी शराब और नियम उल्लंघन जैसे मामले सामने आ चुके हैं, इसके बावजूद निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं की गई।

मामले पर जब आबकारी विभाग के अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अब केवल जांच के आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यवस्था सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई जरूरी है।