रायपुर में ऑनलाइन बेटिंग ऐप ‘थ्री स्टम्प्स’ मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ये आरोपी अवैध सट्टे की रकम अपने बैंक खातों में लेकर उसे मास्टरमाइंड तक पहुंचाते थे और इसके बदले कमीशन लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप इसरानी और मनसून रजा के रूप में हुई है। इनमें से संदीप इसरानी, मुख्य आरोपी गुलशन उर्फ बाबू खेमानी का फूफेरा भाई बताया जा रहा है। दोनों के कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
गौरतलब है कि इस मामले में पहले मुंबई के एक होटल से बाबू खेमानी को रंगे हाथों ऑनलाइन सट्टा संचालित करते हुए गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 29 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
जांच में खुलासा हुआ है कि बाबू खेमानी ऑनलाइन सट्टे से मिलने वाली अवैध रकम को पहले संदीप इसरानी और मनसून रजा के बैंक खातों में जमा कराता था, फिर वहां से अपने खाते में ट्रांसफर कराता था। इस पूरी प्रक्रिया के लिए दोनों को कमीशन दिया जाता था।
मामले में अब तक पुलिस 13 लैपटॉप, 105 मोबाइल फोन, 82 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, 3 चेकबुक, 1 पासबुक, 4 राउटर, 1 कैलकुलेटर, सट्टे के हिसाब-किताब की 4 कॉपियां, 1 एक्सटेंशन बॉक्स और 2 कार जब्त कर चुकी है।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद ऑनलाइन सट्टा मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 14 मामलों में 71 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 2.98 करोड़ रुपये के सामान और नकदी बरामद की जा चुकी है।





