मुलमुला धान खरीदी केंद्र में बड़ा घोटाला उजागर
कोंडागांव जिले के मुलमुला धान खरीदी केंद्र से भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां से करीब 2852.80 क्विंटल धान गायब बताया जा रहा है, जिसकी समर्थन मूल्य के हिसाब से कीमत लगभग 90 लाख रुपये आंकी गई है। मामले के सामने आने के बाद धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ऑनलाइन एंट्री हुई, लेकिन धान नहीं मिला
जानकारी के मुताबिक किसानों से धान खरीदी की गई और उसकी ऑनलाइन एंट्री भी दर्ज की गई। धान उठाव के लिए समय पर डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) भी जारी कर दिए गए।
लेकिन जब मिलरों की गाड़ियां धान लेने केंद्र पहुंचीं, तब वहां धान के बोरे ही मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि केंद्र से कुल 7132 बोरे गायब हैं।
खाद्य विभाग ने जारी किया नोटिस
मामले के सामने आने के बाद खाद्य विभाग ने खरीदी प्रभारी और लेम्प्स प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
नवीन चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला फर्जी खरीदी का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि धान गायब होने को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है।
लेम्प्स प्रबंधक ने बताई एंट्री की गलती
वहीं लेम्प्स प्रबंधक गोविंद मंडल का कहना है कि ऑनलाइन एंट्री की जांच की जा रही है और कई बार तकनीकी गलती भी हो जाती है।
हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि यदि धान की खरीदी दिखाई गई और किसानों को भुगतान भी हो चुका है, तो फिर केंद्र में धान मौजूद क्यों नहीं है। इससे बिना वास्तविक खरीदी के फर्जी एंट्री किए जाने की आशंका गहरा गई है।
मिलरों ने उठाए सवाल
मिलरों का कहना है कि जब गोदाम में धान ही नहीं है, तो उठाव कैसे किया जाए। वहीं केंद्र प्रभारी ने दावा किया कि कुछ बोरे दूसरी जगह रखवाए गए हैं और जल्द वापस लाकर जमा कर दिए जाएंगे।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
जिले में प्रशासन लगातार धान खरीदी केंद्रों की सख्त मॉनिटरिंग, सीसीटीवी निगरानी और हर बोरे के हिसाब का दावा करता रहा है। इसके बावजूद हजारों बोरे गायब होना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के अनुसार जिले के 67 धान उपार्जन केंद्रों में खरीफ सीजन की खरीदी पूरी हो चुकी है। अब तक 32 लाख 36 हजार 304 क्विंटल धान की खरीदी हुई है, जबकि 31 लाख 11 हजार 978 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। जिले में धान उठाव का प्रतिशत लगभग 96 फीसदी बताया जा रहा है।




