May 15, 2026

वेदांता प्लांट हादसे पर सियासत तेज: अनिल अग्रवाल समेत 19 पर FIR, गृहमंत्री बोले– ‘लिंक दे दें, देख लें बघेल’

Raipur में वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक ओर जहां कंपनी के चेयरमैन Anil Agarwal समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

19 लोगों पर FIR, गृहमंत्री का बयान

राज्य के गृहमंत्री Vijay Sharma ने कहा कि वेदांता पावर प्लांट हादसे के मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और यह एक गंभीर दुर्घटना है।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज के समय में एफआईआर ऑनलाइन उपलब्ध होती है, इसलिए उन्हें लिंक उपलब्ध करा दी जाए ताकि वे स्वयं जांच कर सकें।

बघेल का आरोप, सरकार पर लीपा-पोती का दावा

इससे पहले भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने कहा कि वेदांता प्लांट से जुड़े पिछले हादसों में भी कार्रवाई नहीं हुई और कंपनी प्रबंधन को बचाने की कोशिश की गई।

बघेल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार एफआईआर को सार्वजनिक नहीं कर रही है और मामले में पारदर्शिता की कमी है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भी बयान

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कहा कि देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का यह ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें देश की मातृशक्ति को जवाब देना होगा।

बस्तर को बताया नक्सलमुक्त

बस्तर क्षेत्र को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि अब वहां का माहौल पूरी तरह बदल चुका है।
उन्होंने दावा किया कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और लोग खुले माहौल में जीवन जी रहे हैं।

सरकार “वाइब्रेंट बस्तर विलेज” जैसी योजनाओं के माध्यम से गांव-गांव तक विकास पहुंचाने का काम कर रही है।

बंगाल चुनाव पर भी साधा निशाना

पश्चिम बंगाल को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि वहां भाजपा का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं द्वारा अत्याचार किए गए हैं, लेकिन अब जनता बदलाव के मूड में है।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी।


वेदांता पावर प्लांट हादसे के बाद दर्ज एफआईआर ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। एक ओर जहां प्रशासनिक कार्रवाई की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।