April 15, 2026

छत्तीसगढ़ उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: दोषपूर्ण बीज से फसल नुकसान पर कंपनी को किसानों को मुआवजा देने का आदेश बरकरार

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने किसानों के हित में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने नोबेल सीड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर तीन अपीलों को खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग, कबीरधाम के आदेश को बरकरार रखा है। जिला आयोग ने कंपनी को दोषपूर्ण बीज से फसल नुकसान के लिए किसानों को मुआवजा देने का निर्देश दिया था।

यह मामला कबीरधाम जिले के ग्राम बहरमुडा के किसानों परषोत्तम निर्मलकर, भरत कश्यप और टेकुराम कश्यप से जुड़ा है। किसानों ने वर्ष 2024 में नोबेल हैप्पी 101 किस्म के फूलगोभी के बीज खरीदे थे। कंपनी द्वारा दावा किया गया था कि यह बीज उच्च गुणवत्ता वाले हैं और भीषण गर्मी में भी अच्छी पैदावार देंगे।

हालांकि फसल तैयार होने पर किसानों को भारी नुकसान हुआ। लगभग 50 से 60 प्रतिशत पौधों में फूल ही नहीं आए, जबकि जो फूल बने वे रेशेदार और लालिमा लिए हुए थे, जो बाजार में बेचने योग्य नहीं थे।

मामले की शिकायत पर उद्यानिकी विभाग द्वारा चार सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि फसल खराब होने का मुख्य कारण बीजों की गुणवत्ता में कमी थी, न कि मौसम या प्राकृतिक आपदा।

कंपनी ने अपील में तर्क दिया था कि फसल ओलावृष्टि और भारी बारिश के कारण खराब हुई, लेकिन आयोग ने इसे खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि केवल अखबार की कटिंग के आधार पर प्राकृतिक आपदा साबित नहीं की जा सकती। साथ ही यह भी कहा गया कि एक सामान्य किसान से बीज का नमूना सुरक्षित रखने की अपेक्षा नहीं की जा सकती।

आयोग ने जिला आयोग के आदेश को यथावत रखते हुए कंपनी को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार परषोत्तम निर्मलकर को ₹10,24,980, भरत कश्यप को ₹1,67,960 और टेकुराम कश्यप को ₹1,97,740 बतौर मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के रूप में अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी।

यदि कंपनी एक माह के भीतर भुगतान नहीं करती है तो उस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी लागू होगा।