September 7, 2026

Chief Justice Oath Ceremony: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिला नया चीफ जस्टिस, जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने ली 16वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 16वें चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। लोकभवन में राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकासशील समेत शासन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल थे कार्यवाहक चीफ जस्टिस

जस्टिस कृष्ण राम महापात्र की नियुक्ति के साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। इससे पहले जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

कौन हैं छत्तीसगढ़ के नए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र?

18 अप्रैल 1965 को जन्मे जस्टिस कृष्ण राम महापात्र के पिता स्वर्गीय जस्टिस शरत चंद्र महापात्र भी न्यायपालिका में महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं। पिता से प्रेरित होकर कृष्ण राम महापात्र ने भी न्याय के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया।

उन्होंने B.A. के बाद LL.B. की डिग्री हासिल की। 7 फरवरी 1988 को उनका ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण हुआ। इसके बाद करीब 26 वर्षों तक उन्होंने वकालत की और सिविल, क्रिमिनल, सर्विस तथा संवैधानिक कानून से जुड़े मामलों में अनुभव हासिल किया।

उन्होंने Guardians and Wards Act, Hindu Minority and Guardianship Act और Juvenile Justice Act से जुड़े मामलों में भी पैरवी की। वे राज्य सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील और OPSC के अधिवक्ता भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और NIOS का कानूनी प्रतिनिधित्व किया।

ओडिशा हाईकोर्ट से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक का सफर

जस्टिस कृष्ण राम महापात्र को 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। न्यायाधीश के तौर पर उन्होंने मध्यस्थता, संवैधानिक अधिकारों और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी मामलों से जुड़े कई अहम फैसले दिए।

अब उनके न्यायिक करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया है। 1 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी।

करीब चार दशक लंबे कानूनी और न्यायिक करियर के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति को उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।