रायपुर। छत्तीसगढ़ से अलग बस्तर राज्य बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अलग बस्तर राज्य की मांग करने वालों को विकास विरोधी बताया है। सीएम साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में नक्सलवाद के खात्मे का असंभव काम संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शुक्रवार को राजधानी रायपुर लौटे। इस दौरान उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय की बैठक में हिस्सा लिया और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। जन्माष्टमी के अवसर पर रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनका बाजे-गाजे और गुलदस्ते के साथ स्वागत किया।
जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ देश में आगे
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री साय ने जल शक्ति मंत्रालय की बैठक को लेकर कहा कि ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश के 5 जिले देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हैं।
सीएम साय ने कहा कि बारिश की हर बूंद को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करना सरकार का लक्ष्य है।
हर राज्य में ‘कैच द रेन प्लान’ बनाने का सुझाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर राज्य को अपनी परिस्थितियों के अनुसार ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करना चाहिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ शुरू करने का सुझाव भी दिया। सीएम के मुताबिक तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
अलग बस्तर राज्य की मांग करने वालों पर साधा निशाना
अलग बस्तर राज्य की मांग को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में नक्सलवाद के खात्मे का असंभव काम संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि नक्सली बस्तर में सड़क, स्कूल और विकास कार्यों को रोकना चाहते थे।
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति और जवानों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि बस्तर को अलग राज्य बनाने की मांग करने वाले विकास विरोधी बातें कर रहे हैं और ऐसी मांग करने वाले छत्तीसगढ़ की जनता के विरोधी हैं।





