जगदलपुर। बचपन के खेल और खेत-खलिहानों में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक गुलेल अब खेल के मैदान में अपनी अलग पहचान बनाने जा रही है। गांव-गांव में गुलेल चलाने का हुनर रखने वाले खिलाड़ियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है।
बस्तर के सातों जिलों में बनेगा एसोसिएशन
छत्तीसगढ़ में स्लिंगशॉट यानी गुलेल खेल को बढ़ावा देने के लिए संगठन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बस्तर संभाग के सभी सात जिलों में एसोसिएशन का गठन किया गया है। सबसे पहले जिला स्तर पर खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
इस खेल में खिलाड़ियों को 10 मीटर की दूरी से निर्धारित लक्ष्य पर निशाना लगाना होगा। लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाकर सबसे अधिक अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी विजेता बनेगा।
कांकेर में होगी राज्यस्तरीय प्रतियोगिता
स्लिंगशॉट खेल की दो दिवसीय राज्यस्तरीय प्रतियोगिता 22 और 23 अक्टूबर को कांकेर में आयोजित की जाएगी। इसमें पूरे छत्तीसगढ़ से करीब 500 खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना है।
बस्तर ओलंपिक में शामिल करने की तैयारी
संगठन का उद्देश्य गांवों में मौजूद पारंपरिक हुनर को खेल का बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। इसके जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को जिला और राज्य स्तर के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
संगठन की ओर से आने वाले समय में इस पारंपरिक खेल को बस्तर ओलंपिक में शामिल करने की मांग भी उठाने की तैयारी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का नया अवसर मिल सकता है।




