June 19, 2026

छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 5 नए नशामुक्ति केंद्र, व्यसन मुक्ति अभियान की समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पांच नए नशामुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के लिए मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के संचालक रणवीर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

5 जिलों में खुलेंगे नए नशामुक्ति केंद्र

बैठक में नशापीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए संचालित 15 बिस्तरों वाले एकीकृत पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर 50 बिस्तर करने का सुझाव दिया गया। साथ ही जिन जिलों में नशामुक्ति केंद्र संचालित नहीं हैं, वहां नए केंद्र स्थापित करने पर सहमति बनी।

इसके तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सुकमा, बेमेतरा और कोरबा जिलों में पांच नए नशामुक्ति केंद्र खोले जाएंगे।

भारत माता वाहिनी का होगा विस्तार

समिति ने राज्य स्तरीय समिति की 6 अक्टूबर 2023 को आयोजित पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की। इसके अलावा प्रत्येक विकासखंड की एक हजार से अधिक आबादी वाली नवीन ग्राम पंचायतों में भारत माता वाहिनी के गठन और विस्तार पर भी चर्चा की गई, ताकि नशामुक्ति अभियान को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

नशामुक्ति केंद्रों में बढ़ेगी पारदर्शिता

बैठक में संचालित नशामुक्ति केंद्रों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे और बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। समिति का मानना है कि इससे केंद्रों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान अभियान के तहत किए गए कार्यों और व्यय की समीक्षा की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, मानव संसाधन की उपलब्धता और प्रशासनिक आवश्यकताओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

जनभागीदारी पर जोर

समिति ने एनसीओआरडी (NCORD) और एनएमबीए (NMBA) के प्रभावी क्रियान्वयन में विभिन्न समूहों और संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक में कहा गया कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए विभागों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता बेहद जरूरी है।

बैठक के दौरान विभागीय समन्वय को मजबूत करने, पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और समुदाय आधारित जनजागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।