रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल करते हुए काम बंद कर दिया। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के समक्ष 9 सूत्रीय मांगें रखीं तथा मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी।
निगम के कामकाज पर पड़ा असर
हड़ताल के चलते नगर निगम के कई प्रशासनिक और दैनिक कार्य प्रभावित रहे। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
हड़ताली कर्मचारियों ने निम्नलिखित मांगें सरकार के सामने रखीं—
- वर्ष 2004 के बाद नियुक्त सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए।
- कर्मचारियों की मांगों को नवीन सेटअप में शामिल किया जाए।
- निलंबित अधिकारी-कर्मचारियों की बहाली की जाए।
- कैशलेस चिकित्सा योजना लागू की जाए।
- प्लेसमेंट कर्मचारियों को न्यूनतम 20 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
- बैंक के माध्यम से शासकीय कर्मचारियों की तर्ज पर एक करोड़ रुपये का बीमा उपलब्ध कराया जाए।
- पात्र अधिकारी-कर्मचारियों को समय-सीमा के भीतर पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
- रविवार को पूर्ण अवकाश सुनिश्चित किया जाए।
- अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार और संबंधित विभाग जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेते हैं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है, जिससे नगर निगम की सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित होंगी।
सरकार से जल्द निर्णय की मांग
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें कर्मचारियों के हित और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी हैं। ऐसे में शासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द समाधान निकालना चाहिए।




