दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के बहुचर्चित स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तरप्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया है। मामले में संलिप्त एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सात दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, 26 मई को ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स, प्लॉट नंबर 18 ए/05, एचआईए हथखोज भिलाई में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के दौरान बड़े पैमाने पर बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया कि फ्लाई ऐश डस्ट उठाने के टेंडर की आड़ में स्क्रैप चोरी का खेल संचालित किया जा रहा था, जिसमें साझेदार संजय सिंह की मुख्य भूमिका बताई गई।
250 टन लोहा और करोड़ों की संपत्ति जब्त
छापेमारी के दौरान हाईवा और ट्रकों में फ्लाई ऐश डस्ट के साथ चोरी की लोहे की प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप सामग्री लोड मिली थी। पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग बरामद की थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये आंकी गई। वहीं परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल वाहनों एवं मशीनों समेत कुल 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।
पहले ही 8 आरोपी जा चुके हैं जेल
इस मामले में पुलिस पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। अपराध दर्ज होने के बाद से मुख्य आरोपी संजय सिंह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने पर विशेष टीम ने उत्तरप्रदेश के देवरिया में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का अवैध भंडारण कर आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से यह पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।





