September 4, 2026

28 बच्चों से 125 तक पहुंची सरकारी स्कूल की ताकत, शिक्षक लीलाराम साहू को मिलेगा राज्यपाल सम्मान

धमतरी। मजबूत सोच और उसे जमीन पर उतारने का जुनून हो, तो सीमित संसाधनों में भी सरकारी स्कूल की तस्वीर बदली जा सकती है। धमतरी के धौराभाठा गांव में पदस्थ प्रधानपाठक लीलाराम साहू ने अपनी मेहनत और नवाचारों से शासकीय प्राथमिक शाला की तस्वीर बदल दी है।

कभी इस स्कूल में महज 28 विद्यार्थी पढ़ते थे, लेकिन आज यहां 125 बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। बच्चों की बढ़ती संख्या के साथ अभिभावकों का भरोसा भी सरकारी स्कूल के प्रति मजबूत हुआ है।

‘मेरा स्कूल ही मेरी पहचान’ को बनाया सफलता का मंत्र

प्रधानपाठक लीलाराम साहू का मानना है कि बच्चों के लिए पढ़ाई बोझ नहीं, बल्कि सीखने और आनंद लेने का माध्यम होनी चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने पारंपरिक शिक्षण पद्धति के साथ कई नवाचारों को अपनाया।

खेल-खेल में पढ़ाई, कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाना और तकनीक का इस्तेमाल उनके शिक्षण का हिस्सा बना। स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। इन प्रयासों से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी और स्कूल की ओर उनका जुड़ाव मजबूत हुआ।

तीन स्कूलों में किया बदलाव

लीलाराम साहू अपने शिक्षक जीवन में मुड़पार, तरसीवां और धौराभाठा जैसे तीन अलग-अलग स्कूलों में सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने इन स्कूलों को स्मार्ट शाला के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया। मुड़पार में भी उनके कार्यकाल के दौरान विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।

उनका कहना है कि किसी स्कूल का विकास किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं है। इसके लिए शिक्षक, पालक, समुदाय और शासन-प्रशासन सभी का सहयोग जरूरी है।

शिक्षक दिवस पर राज्यपाल करेंगे सम्मानित

शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर लीलाराम साहू को राज्यपाल रमेन डेका प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। राज्यपाल सम्मान मिलने की खबर से धौराभाठा गांव में भी खुशी का माहौल है।

ग्रामीणों, पालकों और विद्यार्थियों के लिए यह गर्व का क्षण है। लीलाराम साहू की कहानी बताती है कि सरकारी स्कूल को बेहतर बनाने के लिए केवल बड़ी इमारतें और महंगे संसाधन ही जरूरी नहीं होते। एक समर्पित शिक्षक की सोच, मेहनत और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का जुनून भी स्कूल की पूरी तस्वीर बदल सकता है।