July 27, 2026

ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर विकास का केंद्र बनाने पर जोर, CM साय ने जिला पंचायत CEO को दिए सुशासन और जनभागीदारी के निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित न रखते हुए सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें और जनभागीदारी ही विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) की समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला में अधिकारियों को सुशासन, पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां जनभागीदारी और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से आदर्श ग्राम विकास मॉडल विकसित किए जा सकें।

विकसित भारत जी राम जी योजना से मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जुलाई से लागू विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना और आजीविका आधारित कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की बात कही।

जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, भूजल संवर्धन, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन, मत्स्य पालन और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

10.40 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 10.40 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें कौशल विकास, स्वरोजगार, स्व-सहायता समूहों और नई औद्योगिक नीति से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, आवास, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाए, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

पीएम आवास और सौर ऊर्जा योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के समयबद्ध क्रियान्वयन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के नियमित भुगतान और पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और ग्रामीण परिवारों को सौर ऊर्जा योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया।

हिवड़े बाजार मॉडल से प्रेरणा लेने की अपील

मुख्यमंत्री ने पद्मश्री पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि जनभागीदारी, ईमानदार नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक जिले की स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों के अनुरूप अपना विकास मॉडल तैयार करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त आईएएस अमरजीत सिन्हा, पद्मश्री पोपटराव पवार सहित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।