June 10, 2026

जगदलपुर: तेंदूपत्ता खरीदी में रिकॉर्ड, फिर भी 50 हजार संग्राहक रहे प्रक्रिया से बाहर

बस्तर संभाग में इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण और खरीदी के रिकॉर्ड आंकड़े सामने आए हैं। वन विभाग के अनुसार जगदलपुर सर्किल के चार जिलों में 1.74 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदा गया, जिससे करीब 96 करोड़ रुपये की राशि संग्राहकों को मिली। हालांकि इन आंकड़ों के बीच कई चुनौतियां भी सामने आई हैं।

50 हजार पंजीकृत संग्राहकों ने नहीं किया संग्रहण

वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक क्षेत्र में लगभग 1.75 लाख संग्राहक पंजीकृत हैं, लेकिन केवल 1.25 लाख लोगों ने ही तेंदूपत्ता संग्रहण में भाग लिया। करीब 50 हजार पंजीकृत संग्राहकों के प्रक्रिया से बाहर रहने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मजदूरी, मौसम और अन्य स्थानीय कारणों को इसकी संभावित वजह माना जा रहा है।

बेमौसम बारिश से प्रभावित हुआ संग्रहण

वन विभाग ने स्वीकार किया है कि बेमौसम बारिश का असर तेंदूपत्ता संग्रहण पर पड़ा। बारिश के कारण 60 से 70 गांवों में संग्रहण कार्य प्रभावित हुआ। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहता तो खरीदी का आंकड़ा और अधिक हो सकता था।

लक्ष्य से कम फड़ों में हुआ संचालन

इस वर्ष 1702 फड़ों के लक्ष्य के मुकाबले केवल 1600 फड़ों में ही संग्रहण कार्य संचालित हो सका। इससे कई इलाकों में व्यवस्थागत चुनौतियां भी सामने आई हैं।

तेंदूपत्ता तस्करी ने बढ़ाई चिंता

सुकमा-ओडिशा सीमा क्षेत्र में वन विभाग ने 12 स्थानों पर कार्रवाई कर लाखों रुपये मूल्य का तेंदूपत्ता जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में तेंदूपत्ता को अवैध रूप से ओडिशा और तेलंगाना भेजने की कोशिश का खुलासा हुआ है। इससे तेंदूपत्ता तस्करी के सक्रिय नेटवर्क पर चिंता बढ़ गई है।

रिकॉर्ड खरीदी के बीच कई सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि रिकॉर्ड खरीदी और करोड़ों रुपये के भुगतान के बावजूद बड़ी संख्या में संग्राहकों का बाहर रहना, मौसम की मार और तस्करी की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि जमीनी स्तर पर अभी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। अब नजर इस बात पर है कि वन विभाग और सरकार इन समस्याओं का समाधान कैसे करती है।