June 10, 2026

महासमुंद: डॉक्टर विहीन झलप अस्पताल, 80 गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। झलप स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। कागजों में चिकित्सकों की पदस्थापना होने के बावजूद अस्पताल का संचालन ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अन्य कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, महासमुंद मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के किनारे स्थित झलप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 20 बिस्तरों वाला अस्पताल है। इस अस्पताल पर आसपास के करीब 80 गांवों के लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं निर्भर हैं। अस्पताल में एक चिकित्सा अधिकारी और दो रजिस्टर्ड मेडिकल असिस्टेंट (आरएमए) के पद स्वीकृत हैं। दस्तावेजों में एक चिकित्सा अधिकारी और एक आरएमए पदस्थ हैं, लेकिन चिकित्सा अधिकारी पिछले तीन महीनों से पीजी की पढ़ाई के लिए अवकाश पर हैं, जबकि आरएमए दो माह से संतान पालन अवकाश पर हैं। वहीं, पूर्व में यहां अटैच किए गए दूसरे आरएमए को भी उसकी मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेज दिया गया है।

ग्रामीणों पर बढ़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ

वर्तमान स्थिति में अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद है और न ही आरएमए। ऐसे में पूरा अस्पताल दो ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अन्य कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रहा है। डॉक्टरों की अनुपस्थिति का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर मामलों तक के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अन्य अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ के साथ समय की भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

कलेक्टर ने दिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश

मामले को लेकर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि बड़ा सवाल यह है कि जब एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की यह स्थिति है, तो जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी। महासमुंद जिले में वर्तमान में 222 उप स्वास्थ्य केंद्र, 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एक जिला अस्पताल संचालित हैं। ऐसे में झलप अस्पताल की यह तस्वीर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।