May 28, 2026

सरकारी जमीनों के रिडेवलपमेंट की बड़ी तैयारी, छत्तीसगढ़ में बनेगा डिजिटल लैंड बैंक

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशभर में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों की अनुपयोगी एवं खाली पड़ी जमीनों के व्यवस्थित विकास और बेहतर उपयोग के लिए बड़ी कार्ययोजना तैयार करने का फैसला लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में इस परियोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित जमीनों की स्थिति की जानकारी ली गई।

मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि वर्षों से खाली पड़ी सरकारी जमीनों से न तो शासन को राजस्व मिल रहा है और न ही आम जनता को कोई लाभ। रिडेवलपमेंट योजना के जरिए इन परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग कर शहरों को नियोजित विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही शासकीय संपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ सकेगा।

बैठक में फैसला लिया गया कि खाली और अतिक्रमण की आशंका वाली सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उनका व्यावसायिक और जनहित में उपयोग किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों की जमीनों का केंद्रीय डिजिटल लैंड बैंक तैयार होगा। GIS मैपिंग के माध्यम से हर जमीन की लोकेशन, क्षेत्रफल और वर्तमान स्थिति का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

शहरों की प्राइम लोकेशन वाली सरकारी जमीनों पर आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्किंग और आधुनिक सरकारी कार्यालय विकसित किए जाएंगे। बड़ी परियोजनाओं के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने की तैयारी है, जिससे शासन को अतिरिक्त राजस्व भी मिलेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में खाली जमीनों का उपयोग कृषि, उद्यानिकी, आधुनिक वेयरहाउस और स्किल डेवलपमेंट सेंटर विकसित करने में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

योजना के तहत जर्जर हो चुके सरकारी भवनों को भी चिन्हित किया जाएगा। जिन भवनों की मरम्मत आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होगी, उन्हें हटाकर आधुनिक निर्माण किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित जमीनों की घेराबंदी की जाएगी और वहां शासकीय स्वामित्व के बोर्ड लगाए जाएंगे। अवैध कब्जों को रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त निगरानी करेंगे।

बैठक में विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी संभागायुक्त और कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।