August 1, 2026

आदिवासी छात्रावास में छात्रा की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप; अधीक्षिका हटाई गईं

कवर्धा। जिले के अमेरा आदिवासी कन्या छात्रावास में कक्षा 7वीं की छात्रा की मौत के बाद कथित लापरवाही का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने छात्रावास प्रबंधन पर समय पर इलाज नहीं कराने और सूचना देने में देरी का आरोप लगाया है। मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित छात्रावास अधीक्षिका को उनके पद से हटा दिया है। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार, अमेरा आदिवासी कन्या छात्रावास में अध्ययनरत बबिता पन्द्राम की 27 जुलाई की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि उस समय छात्रावास अधीक्षिका मौजूद नहीं थीं और छात्रा को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि घटना की जानकारी उन्हें अगले दिन सुबह दी गई।

सूचना मिलने के बाद परिजन छात्रावास पहुंचे और छात्रा को अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें छात्रावास परिसर में प्रवेश करने से भी रोका गया। उनका कहना है कि यदि समय पर इलाज मिलता, तो छात्रा की जान बचाई जा सकती थी।

घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जिले के कई छात्रावासों में अधीक्षक नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं, आदिम जाति कल्याण विभाग ने मामले में तात्कालिक कार्रवाई करते हुए संबंधित छात्रावास अधीक्षिका को पद से हटा दिया है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई प्रारंभिक स्तर पर की गई है और इसे आरोपों की पुष्टि नहीं माना जाएगा।

फिलहाल छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों और कथित लापरवाही की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।