July 22, 2026

53 करोड़ की फर्जी बिलिंग का खुलासा, GST विभाग ने 9.54 करोड़ के ITC फ्रॉड में मास्टरमाइंड विजय यादव को किया गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य जीएसटी (GST) विभाग ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग और 9.54 करोड़ रुपये के ITC फ्रॉड के मामले में मुख्य आरोपी एवं मास्टरमाइंड विजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 20 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 3 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विजय कुमार यादव ने फर्जी बिलिंग के उद्देश्य से मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज और मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज नाम से दो फर्मों का संचालन किया। इन फर्मों के जरिए करीब 53 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग कर 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विभिन्न फर्मों को ट्रांसफर किया गया।

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने बंद और फर्जी फर्मों से प्राप्त फर्जी ITC का दावा कर उसका इस्तेमाल अपनी कर देनदारियों के भुगतान में किया। बिना वास्तविक माल की खरीदी-बिक्री के केवल फर्जी बिलों के आधार पर लेन-देन दर्शाकर शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया।

जांच में सामने आईं बड़ी अनियमितताएं

GST विभाग की जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। इनमें 10 ऐसी फर्मों से 6.13 करोड़ रुपये का फर्जी ITC लिया गया, जिनका GST पंजीयन पहले ही निरस्त हो चुका था या जो आपस में संबंधित पक्ष थीं, जबकि उनके बीच किसी प्रकार का वैध विलय या पुनर्गठन नहीं हुआ था।

इसके अलावा पंजाब समेत अन्य राज्यों की 9 फर्जी या अस्तित्वहीन फर्मों से बिना किसी वास्तविक माल आपूर्ति के 1.99 करोड़ रुपये का फर्जी ITC प्राप्त किया गया। वहीं, GSTR-2B और GSTR-3B के मिलान में भी 1.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ITC बिना वास्तविक खरीद के दावा कर उसका अनुचित लाभ लेने का मामला सामने आया है।

GST विभाग का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।