July 22, 2026

गरियाबंद में भीषण सड़क हादसा: वन विभाग की बोलेरो और ट्रक में आमने-सामने टक्कर, रेंजर की मौत, 8 घायल

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बुधवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) अश्वनी दास मुरचुलिया की मौत हो गई, जबकि वाहन चालक समेत 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा ध्रुवागुड़ी और बुढघेलटप्पा के बीच उस समय हुआ, जब वन विभाग की शासकीय बोलेरो और तेज रफ्तार ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई।

जानकारी के मुताबिक, वन विभाग की बोलेरो में कुल 9 लोग सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों, प्रशासनिक अमले और सुरक्षा बल के जवानों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को इलाज के लिए देवभोग अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे में सबसे गंभीर चोटें रेंजर अश्वनी दास मुरचुलिया को आईं, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। अन्य आठ घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। दुर्घटना के बाद कुछ समय तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामला दर्ज कर लिया है।

सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद NH-130 पर सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान किनारों पर मुरुम की जगह चिकनी मिट्टी डाली गई है, जिससे बारिश के दौरान वाहन फिसलने का खतरा बढ़ गया है। उनका मानना है कि सड़क किनारे फैली यही मिट्टी हादसे की एक बड़ी वजह हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारों पर मजबूत पकड़ के लिए मुरुम का उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन उसकी जगह डाली गई चिकनी मिट्टी बारिश में कीचड़ बन जाती है। इससे टायरों की ग्रिप खत्म हो जाती है और मोड़ों पर वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। लोगों ने सड़क निर्माण में कथित लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।