July 21, 2026

Bilaspur High Court: नए अधिवक्ताओं को ₹20 हजार अनुदान योजना पर फैसला जल्द लेने के संकेत, सरकार से हाईकोर्ट की अपेक्षा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नवनामांकित अधिवक्ताओं को एकमुश्त 20 हजार रुपये अनुदान देने की प्रस्तावित योजना पर राज्य सरकार से निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाने की अपेक्षा जताई है। मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया कि प्रस्ताव वित्त विभाग के माध्यम से मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) के समक्ष भेजने की प्रक्रिया में है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष राज्य शासन की ओर से प्रस्तुत शपथपत्र में बताया गया कि 2 मार्च 2026 की बैठक के एजेंडा आइटम क्रमांक-6 के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल में नवपंजीकृत अधिवक्ताओं को उनकी प्रारंभिक जरूरतों के लिए 20 हजार रुपये का एकमुश्त अनुदान देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

सरकार ने बताया कि यह राशि अधिवक्ताओं को कानून की पुस्तकें (लाइब्रेरी), टेबल, कुर्सी और अन्य आवश्यक संसाधन खरीदने में सहायता देने के उद्देश्य से प्रस्तावित है। वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिपरिषद के समक्ष रखने की सलाह दी है।

शासन ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा और झारखंड में लागू समान योजनाओं और नियमों की जानकारी संबंधित राज्यों से मांगी गई है। जानकारी मिलने के बाद प्रस्ताव पर आगे विचार किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार आवश्यक सूचनाएं शीघ्र प्राप्त कर प्रस्ताव को बिना अनावश्यक विलंब के कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करेगी, ताकि इस पर जल्द निर्णय लिया जा सके।

खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर 2026 की तारीख तय करते हुए प्रकरण को संबंधित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।