July 21, 2026

CG Employee Loan Scheme: वेतन के विरुद्ध ब्याज मुक्त अल्पावधि ऋण योजना से 27 हजार कर्मचारियों को मिला लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना’ शासकीय कर्मचारियों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीकरण कराया है, जबकि करीब 27 हजार कर्मचारी इसका लाभ प्राप्त कर चुके हैं। सरकार का दावा है कि यह योजना कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में ब्याज मुक्त और त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।

कर्मचारी कल्याण पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शासकीय कर्मचारी राज्य के विकास की रीढ़ हैं। उनका आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त होना जरूरी है, ताकि वे शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें। इसी सोच के तहत कर्मचारियों के लिए यह ऋण योजना शुरू की गई है।

बिना ब्याज मिलेगा अल्पावधि ऋण

योजना के तहत कर्मचारियों को बिना किसी ब्याज के अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराया जाता है। स्वास्थ्य, पारिवारिक जरूरतों या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता के लिए कर्मचारियों को अब निजी साहूकारों या ऊंची ब्याज दर वाले ऋण पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

e-Kosh से पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया

यह योजना ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही है। आवेदन से लेकर स्वीकृति और राशि के भुगतान तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस है। ई-केवाईसी आधारित सत्यापन, सीधे बैंक खाते में भुगतान और वेतन से स्वचालित किस्त कटौती जैसी सुविधाओं के कारण योजना पारदर्शी और सरल बनी है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • ब्याज मुक्त अल्पावधि ऋण की सुविधा
  • ऑनलाइन और पेपरलेस आवेदन प्रक्रिया
  • ई-केवाईसी आधारित डिजिटल सत्यापन
  • राशि सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित
  • वेतन से स्वचालित किस्त कटौती
  • पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया

73 हजार से अधिक पंजीकरण

सरकार के अनुसार, योजना के शुरुआती चरण में ही इसे कर्मचारियों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। अब तक 73 हजार से अधिक कर्मचारी पंजीकृत हो चुके हैं और लगभग 27 हजार कर्मचारियों को ऋण का लाभ मिल चुका है। इसे सरकार और कर्मचारियों के बीच विश्वास बढ़ाने वाली पहल बताया जा रहा है।

भविष्य में बढ़ सकती है ऋण सीमा

प्रदेश के वित्त मंत्री ने कहा कि भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा सकता है। कर्मचारी संगठनों ने भी इस योजना का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारी हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है।

नोट: यह जानकारी राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक विवरण और दावों पर आधारित है।